Iterative Model in hindi | Iterative Model advantage, disadvantage in hindi

आज हम software engineering के tutorial में एक बहुत महत्वपूर्ण topic Iterative Model in hindi | Iterative Model advantage, disadvantage in hindi, Iterative model के चार phase होते हैं, When to use the Iterative Model in hindi |Iterative Model कहाँ उपयोग करते हैं और Disadvantage of Iterative Model hindi, advantage of Iterative Model hindi को अच्छे से जानेंगे . तो चलिये शुरू करते है . hello दोस्तों आपका Hindi me iT में बहुत – बहुत अभिनन्दन है

Iterative Model in hindi | Iterative Model advantage, disadvantage in hindi

Iterative model के नाम से ही पता चल रहा की इस model के द्वारा project को कैसे develop किया हैं.इस model के अंदर project को छोटे-छोटे भागो में divide कर दिया जाता हैं और उनका बार-बार Iteration किया जाता हैं जब तक problem solve नहीं हो जाती हैं. इस model के अंदर जब project  को develop करते हैं . तो इसमें project के कुछ specifications को develop करते हैं जो की project का पहला version होता हैं. ये पहला version main project एक भाग होता हैं. project के इस पहले version को client के लिए दे दिया जाता हैं. जिससे ये पता चलता हैं की project client की requirement अनुसार ही develop किया गया हैं. develop किया गया project का पहला version client की सभी जरूरत को पूरा करता हैं. तो उस पहले version को फिर से develop किया जाता हैं.

Iterative model में project को कुछ इसप्रकार develop किया जाता हैं जिससे  project को develop करने में incremental development प्रदान होती हैं. इस model में किसी भी project का पहला version develop किया जाता हैं जो की कम क्षमता वाला होता हैं. उसके बाद इस first version को develop करते हुये एक main project develop किया जाता हैं.

Iterative model किसी भी project के first version को develop करने में help करता हैं.जोकि Software Development Life Cycle (SDLC) processing में project के अंतिम output को decide करता हैं.

Iterative Model in hindi Iterative Model advantage, disadvantage in hindi

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Iterative model के चार phase होते हैं.

1. Requirement gathering & analysis:

इस project को develop करने के लिए इस phase में client के पास सभी requirements होनी चहिये तथा इन सभी requirements का analysis किसी expert द्वारा किया जाता हैं. requirements का analysis करने के बाद टीम को requirements समझाई जाती हैं. उसके बाद project develop करने की processing को आगे बढाया जाता हैं.

2. Design:

Iterative model के design phase में टीम के द्वारा different type के diagrams को design किया जाता हैं. जैसे Data Flow diagram, activity diagram, class diagram और  state transition diagram. जिससे टीम को project को develop करने में बहुत आसानी होती हैं.

3. Implementation: 

इस phase में project के अंदर implementation करके requirements के अनुसार user के सभी जरूरत को coding (programming language) के द्वारा उन सभी requirements को computer program में  convert कर दिया जाता हैं. जिसे software कहा जाता हैं. 

4. Testing:

इस phase का use coding phase complete होने के बाद करते हैं.  जिसके अंदर project के सभी function की testing अनेक प्रकार के method से की जाती हैं. इस phase को complete करने के लिए मार्किट में अनेक method हैं . लेकिन कुछ प्रचलित method ये हैं. white box, black box, and grey box test methods.

5. Deployment: 

project को develop करने वाले सभी phase के complete होने के बाद उस project को market में उतरा जाता हैं. अर्थात project को जिस काम के लिए develop किया था उस काम करने के लिए लोगो में बीच में use करने के लिए  उतार दिया जाता हैं.

6. Review:

Review के नाम से ही पता चल रहा हैं की इसका मतलब क्या हैं. इसमें लोगों से project के बारे में पूछ कर project बारे में पूछा जाता हैं. क्या ये particular software जिस काम के लिए develop किया गया था use सही से कर पा रहा हैं की नहीं. अगर इसमें कोई error पाई जाती हैं. तो  उस error को दूर करने के लिए फिर से Iterative model के सभी phase का use किया जाता हैं.

7. Maintenance:

project को develop करने के बाद उसके  environment में उतार के बाद project में कुछ bugs, error  या कुछ update की जरूरत हो सकती हैं. इसलिए project के Maintenance का एक अतिरिक्त विकल्प जोड़ा गया हैं.  

When to use the Iterative Model in hindi |Iterative Model कहाँ उपयोग करते हैं

  • इस model का use वहाँ करते हैं जहाँ requirement को अच्छे से analysis करके समझ लिया गया हो.
  • Iterative model के द्वारा बड़े project का develop बड़ी आसानी से कर सकते हैं.
  • इस model का use तब करना चहिये जब आपको लगे की आपके project में आगे update की जरूरत पड़ सकती हैं.

Advantage Iterative Model in hindi 

  • इस model के अंदर project की testing व् debugging करना आसान हैं . क्योकि इसमें हम project को iteration में रूप में develop करते हैं. 
  • इस model के अंदर  project में update आसानी से कर सकते हैं.
  • Iteration के कारण प्रजेक्ट में Risks की पहचान आसानी से की जा सकती हैं.
  • इस model में project में design में अधिक जो दिया जाता हैं.

Disadvantage of Iterative Model hindi 

  • Iterative model model छोटे project के लिए अधिक stable नहीं हैं. क्योकि इस में बार-बार Iteration  होता रहता हैं.
  • इस model का use करके project को develop करने के लिए अधिक Resources की जरूरत होती हैं. जिससे development costly होती हैं.
  • अगर client की  Requirement बार-बार change हो रही हैं तो project को develop करने में अधिक cost की आवश्यकता होगी. जिसके कारण  Requirement को analysis करने में अधिक परेशानी होती हैं. more read

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आशा  करता हूँ आपको topic Iterative Model in hindi | Iterative Model advantage, disadvantage in hindi, Iterative model के चार phase होते हैं, When to use the Iterative Model in hindi |Iterative Model कहाँ उपयोग करते हैं और Disadvantage of Iterative Model hindi, advantage of Iterative Model hindi समझ में गया होगा . अगर आपको इससे related कोई question पूछना है तो आप comment करके पूछ सकते है . हम आपकी comment का जबाब जरुर देंगे . अगर हमारे द्वारा दी गयी जानकारी अच्छी लगी हो तो हमे comment करके जरुर बताये और आपका हमको कोई सुझाब हो तो उसे भी जरुर बताये . दोस्तों आपसे एक request है . आप इस जानकारी को आपने दोस्तों , रेस्तेदारो के साथ जरुर शेयर करे | धन्यबाद

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