SDLC ( software development life cycle) kya hai (in Hindi)

हेल्लो दोस्तों मैं श्रीकांत सिंह Hindi me iT में आपका स्वागत करता हूँ . मैं आज आपको SDLC  ( software development life cycle) kya hai in hidi के बारे में अच्छे से जानेंगे . तो चलिए शिरू करते है .

सबसे  पहले SDLC का पूरा नाम जान लेते है .इसका पूरा नाम software development life cycle है . किसी भी सॉफ्टवेर को develop करने में जो स्टेप फ्लो यानि की प्रक्रिया पूरी की जाती है . use ही software development life cycle कहते है .तो आज हम इसके बारे में details से जानेंगे .

Software development life cycle in hindi

किसी भी सॉफ्टवेर प्रोजेक्ट को बनाने में जो भी प्रक्रिया (step and process) होती है . उन सभी को मिलाकर SDLC बनता है . ये step इस प्रकार है .

किसी भी सॉफ्टवेर को develop करने में जो स्टेप प्रयोग किये जाते है . उनको five भागो में विभाजित किया गया है .

  1. Planning
  2. Analysis
  3. Design
  4. Implementation
  5. Maintenance 

Software development life cycle in hindi

इस सभी को मिलाकर ही SDLC का बनता है . तो चलिए इन पांचो स्टेप को details से समझते है .

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Planning:-

किसी भी सॉफ्टवेर को बनाने से पहले प्लानिंग करना बहुत जरुरी होता है. Planning के अंदर हम ये देखते है software के क्या goals है ,सॉफ्टवेर को क्या अचीवमेंट करना है, सॉफ्टवेर की क्या requirement है , इसे develop करने में कितना खर्चा आएगा , इसमें इतना risk हो सकता है .आदि ये सब बनाने से पहले सोचना होगा .अब हम ये बोल सकते है किसी सॉफ्टवेर को बनाने से पहले प्लानिंग करना कितना जरुरी है .

Analysis:-

अगर बात करे Analysis Phase की तो इसमें problems को बारीकी  से समझा जाता है . और Analysis करके  ये देखा जाता है  की user को क्या चाहिए .  user की क्या requirement  उसी के अनुसार software develop करते है . इसी Phase में हार्डवेयर को भी   Analysis kiya जाता है .

Design:-

किसी भी सॉफ्टवेर को develop करने में डिजाईन phase की अहम भूमिका होती है . इसमें ये देखना होता है . की user को किस प्रकार की डिजाईन पसंद है . इसमें सिस्टम के हार्डवेयर का भी ध्यान रखना होता . क्यूकि ये देखना होता है की इस सॉफ्टवेर को किस ऑपरेटिंग सिस्टम पर run करना है .

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Implementation:-

इस phase में किसी भी सॉफ्टवेर को develop करने के लिए कोडिंग , टेस्टिंग करना होता है . इस phase के अंदर सबसे पहले database design  को implement किया जाता है .

Maintenance :-

maintenance मे software develop हो जाता है . इसके बाद software को use करने में user को जो problem होती है . उन problem का solution किया जाता है  .maintenance software development का अंतिम phase है . maintenance को आसान शब्द में समझे तो maintenance का मतलब किसी user के अनुसार problem का solution ही maintenance  कहलाता है .click

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आशा  करता हूँ आपको SDLC  ( software development life cycle) kya hai in hidi   समझ में गया होगा . अगर आपको इससे related कोई question पूछना है तो आप comment करके पूछ सकते है . हम आपकी comment का जबाब जरुर देंगे . अगर हमारे द्वारा दी गयी जानकारी अच्छी लगी हो तो हमे comment करके जरुर बताये और आपका हमको कोई सुझाब हो तो उसे भी जरुर बताये . दोस्तों आपसे एक request है . आप इस जानकारी को आपने दोस्तों , रेस्तेदारो के साथ जरुर शेयर करे | धन्यबाद

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